छत्तीसगढ़ शासन · बलौदाबाजार-भाटापारा

डिजिटल - बलौदाबाजार

निर्माण बलौदाबाजार पोर्टल

जिला प्रशासन की डिजिटल पहल — योजनाओं, परियोजनाओं एवं सेवाओं की वास्तविक समय में निगरानी व पारदर्शी जानकारी एक ही मंच पर।

निर्माण बलौदाबाजार संबंधी

निर्माण बलौदाबाजार पोर्टल जिला प्रशासन की एक अनोखी पहल है, जिसका उद्देश्य जिले का डिजिटलीकरण और सशक्तिकरण करना है। यह पोर्टल जिले की जनसंख्या को जोड़कर, योजना निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करता है और उन्हें वास्तविक समय में डेटा तक पहुंच प्रदान करता है। साथ ही, यह पोर्टल निम्न सुविधाएं प्रदान करता है:

प्रारंभिक प्रस्ताव से लेकर स्वीकृतियों, कार्यान्वयन और अंतिम रिपोर्टिंग तक परियोजनाओं की निगरानी करता है।

फ़ील्ड टीम प्रत्येक चरण में जियो-टैग्ड फोटो और इंजीनियरों की टिप्पणियां अपलोड करती है।

GIS मानचित्रों पर रंग कोड (जैसे, प्रस्तावित के लिए पीला, चल रहे के लिए हरा, और पूर्ण के लिए नीला) के माध्यम से परियोजनाओं को दर्शाया जाता है।

विभिन्न विभागों से डेटा को एकत्रित करता है, जिससे मैन्युअल हस्तक्षेप कम होता है और निर्णय लेने की प्रक्रिया सुगम होती है।

यह पोर्टल डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने, प्रक्रियाओं को तकनीक के माध्यम से डिजिटल करने, पारदर्शिता बढ़ाने और साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने में मदद करता है।

बलौदाबाजार जिला - जिले के बारे में
छत्तीसगढ़  ·  जिला परिचय

बलौदाबाजार-भाटापारा जिला

महानदी के तट के निकट बसा यह जिला, 1 जनवरी 2012 को रायपुर जिले से अलग होकर छत्तीसगढ़ के नवगठित जिलों में शामिल हुआ। धान की खेती, राइस मिल उद्योग एवं आध्यात्मिक तीर्थ स्थलों के लिए यह जिला अपनी समृद्ध पहचान रखता है।

21.66°N, 82.16°E स्थापना: 1 जनवरी 2012 254 मीटर ऊंचाई जनसंख्या 10,78,911 रायपुर से नवगठित जिला महानदी तट
3,73,387
हेक्टेयर कुल क्षेत्रफल
55 किमी
रायपुर से दूरी
64 किमी
भाटापारा से रायपुर दूरी
961
गांवों की संख्या
6
विकासखंड (ब्लॉक)
7
तहसीलें
3
उपसंभाग (सबडिविजन)

विस्तृत जानकारी

भौगोलिक स्थिति
Location & Geography
  • महानदी के तट के निकट स्थित जिला मुख्यालय बलौदाबाजार
  • समुद्र तल से 254 मीटर (833 फीट) की ऊंचाई
  • रायपुर जिले के पूर्व में सटा हुआ जिला
  • रायपुर से 55 किमी, भाटापारा रायपुर से 64 किमी
21.66° उत्तरी अक्षांश 82.16° पूर्वी देशांतर
कृषि एवं उपज
Agriculture & Produce
  • धान (चावल) की प्रमुख खेती, छत्तीसगढ़ के धान कटोरे का हिस्सा
  • चना, गेहूं एवं तिलहन की भी पैदावार
  • भाटापारा राइस मिल उद्योग का प्रमुख केंद्र
  • वन एवं जल संसाधनों से सम्पन्न
उद्योग एवं खनिज संसाधन
Industry & Minerals
  • चूना पत्थर (लाइमस्टोन) के प्रमुख भंडार
  • सोनाडीह सीमेंट संयंत्र सहित सीमेंट उद्योग का केंद्र
  • भाटापारा में राइस मिल उद्योग का सघन विकास
  • महानदी जिले की प्रमुख नदी
प्रशासनिक विवरण
Administrative Details
  • 1 जनवरी 2012 को रायपुर जिले से अलग होकर नया जिला बना
  • बलौदाबाजार-भाटापारा के नाम से जाना जाता है
  • 3 उपसंभाग, 6 विकासखंड एवं 7 तहसीलें
  • 2011 की जनगणना: जनसंख्या 10,78,911, कुल 961 गांव

प्रमुख आकर्षण एवं स्थल

तुरतुरिया
वाल्मीकि आश्रम · लव-कुश जन्मस्थली · महानदी तट
गिरौदपुरी धाम
संत गुरु घासीदास जन्मस्थली · सतनामी तीर्थ
दामाखेड़ा
कबीरपंथ का प्रमुख केंद्र · माघी पूर्णिमा मेला
बारनवापारा अभयारण्य
वन्यजीव अभ्यारण्य · कसडोल
भाटापारा
राइस मिल उद्योग का प्रमुख केंद्र

बलौदाबाजार-भाटापारा — कृषि, आस्था एवं उद्योग का संगम

धान, राइस मिल उद्योग, सीमेंट एवं आध्यात्मिक तीर्थ स्थलों का अनूठा जिला

2012
स्थापना वर्ष
6
विकासखंड
3,733.87
वर्ग किमी क्षेत्रफल
10.79 L
जनसंख्या

जिले के बारे में

बलौदाबाजार-भाटापारा जिला महानदी नदी के तट के निकट बसा है, जो 1 जनवरी 2012 को रायपुर जिले से अलग होकर छत्तीसगढ़ के नवगठित जिलों में शामिल हुआ। जिला मुख्यालय बलौदाबाजार धान, चना एवं गेहूं जैसी फसलों के उत्पादन के लिए जाना जाता है, जबकि भाटापारा नगर अपने राइस मिल उद्योग के लिए प्रसिद्ध है। जिले में चूना पत्थर के भंडार व सीमेंट उद्योग के साथ-साथ तुरतुरिया, गिरौदपुरी धाम एवं दामाखेड़ा जैसे धार्मिक व सांस्कृतिक स्थल भी स्थित हैं।

प्रमुख संसाधन

  • धान (चावल) प्रमुख फसल
  • चूना पत्थर खनिज
  • राइस मिल उद्योग औद्योगिक
  • वन सम्पदा प्राकृतिक
  • चना / गेहूं द्वितीयक फसल